व्रिभोनलग्न के तुल्य रवि होने पर (खमध्य में) लम्बेन का अभाव होता है। अक्षांशों के और मध्यलग्न अर्थात् दशम लग्न वा त्रिभोनलग्न के उत्तर क्रान्त्यंशों के समान होने पर (क्षितिज पर) नति का अभाव होता है। (अमान्तकालिक लग्न में तीन राशि घटाने से त्रिभोनलग्न होता है)।
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