सूर्य से ६ राशि के (१८०) अन्तर में भूछाया भ्रमण करती है। सूर्य के तुल्य अथवा छ: राशि युक्त रवि (सषड्भसूर्य) के तुल्य या उससे कुछ न्यूनाधिक अंशों पर चन्द्रपात होने से ग्रहण होता है।
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