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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 4 • श्लोक 3
शशाड्ूकक्षागुणितो भाजितो वाडक॑कक्षया । विष्कम्भश्चन्द्रकक्षायां तिथ्याप्ता मानलिप्तिका: ॥
चन्द्रकक्षा से गुणाकर सूर्यकक्षा से भाग देने पर लब्धि चन्द्रकक्षा में अथवा चन्द्राधिष्ठित आकाशगोल में स्पष्ट सूर्यविम्ब व्यास होता है। स्पष्ट सूर्यव्यास और चन्द्रव्यास में १५ का भाग देने से चन्द्रकक्षा में सूर्य और चन्द्र के कलादि व्यासमान होते हैं।
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