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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 4 • श्लोक 19
भानोग्रहे कोटिलिप्ता मध्यस्थित्यर्धसंगुणा: । स्फुटस्थित्यर्धसंभक्ता: स्फुटा: कोटिकला: स्मृता: ।।
सूर्यग्रहण में पूर्वोक्त प्रकार से साधन की हुई कोटिकलाओं को मध्यस्थित्यर्ध से गुणाकर स्पष्टस्थित्यर्धथ का भाग देने से फल स्पष्टकोटिकला होती है।
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