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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 3 • श्लोक 20
मध्य॑नतांशात्छायाछायाकर्णयोरानयनम्‌ तन्मान्दमसकृद्दामं फल मध्यो दिवाकर: । स्वाक्षा्कापक्रमयुतिर्दिक्साम्येडन्तरमन्यथा ॥
अक्षांश और सूर्य के क्रान्त्यंशों की एक दिशा होने पर योग एवं भिन्‍न दिशा होने पर अन्तर करने से सूर्य का मध्याहनकालिक नतांश होता हैं। नतांशों को ९० में घटाने से उनन्‍नतांश होते हैं।
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