शड्क और शड्कुच्छाया (पलभा) से पृथक्-पृथक् त्रिज्या (३४३८) को गुणाकर गुणन फल को विषुव (पल) कर्ण से भाग देने पर क्रमश: लम्बज्या और अक्षज्या होती है। इनके चापीय मान क्रमश: लम्बांश और अक्षांश होते हैं। उत्तरगोल में अंक्षाश सदैव दक्षिण होते हैं।
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