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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 68
बवादीनि तत: सप्त चराख्यकरणानि च। मासेउष्टकृत्व एकैक' करणानां प्रवर्तते ॥
तदनन्तर बव आदि सात चर करण होते हैं। एक मास में बवादि करण आठ बार आते हैं
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