२२५ से भाग देने पर जो लब्धि प्राप्त हो उसे मन्दपरिधि से गुणाकर भगणांश ३६० से भाग देने पर प्राप्त कलादि लब्धि को कर्कादि केन्द्र होने पर मध्यम गति में जोड़ने (धनसंस्कार) तथा मकरादि केन्द्र होने पर मध्यम गति से घटाने पर ग्रहों की स्पष्टा गति होती है।
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