मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 49
स्वमन्दपरिधिक्षुण्णा भगणांशोद्धता: कला: । कर्कादौ तु धन तत्र मकरादावृणं स्मृतम्‌ ॥
२२५ से भाग देने पर जो लब्धि प्राप्त हो उसे मन्दपरिधि से गुणाकर भगणांश ३६० से भाग देने पर प्राप्त कलादि लब्धि को कर्कादि केन्द्र होने पर मध्यम गति में जोड़ने (धनसंस्कार) तथा मकरादि केन्द्र होने पर मध्यम गति से घटाने पर ग्रहों की स्पष्टा गति होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें