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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 44
मध्ये शीघ्रफलस्यार्ध मान्दमर्धफल तथा । मध्यग्रहे मन्दफलं सकल शेैघ्यमेव च ॥
पहले शीघ्रफल पश्चात्‌ मन्दफल पुनः: मन्दफल तदनन्तर शीघ्रफल का संस्कार क्रम एवं अनुक्रम से करना चाहिये। मध्यम ग्रह में पहले शीघ्रफल का आधा तदनन्तर मन्दफल का आधा पश्चात्‌ समग्र मन्दफल एवं समग्र शीघ्रफल का संस्कार किया जाता है।
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