अर्थात् समपद (२, ४) में भौम का शीघ्र परिध्यंश २३५, बुध का १३३, गुरू का ७०, शुक्र का २६२ तथा शनि का ३९ तथा विषम पद (१, ३) में भौम का २३२, बुध का १३२, गुरू का ७२, शुक्र का २६० तथा शनि का ४० अंश कहा गया है।
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