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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 35
युग्मान्तेडर्थाद्रय: खाग्नि-सुरा: सूर्या नवार्णवा: | ओजे द्वबगा वसुयमा रदा रुद्रा गजाब्धय: ॥
भौमादि पाँच ग्रहों के क्रम से समपदान्त में ७५, ३०, ३३, १२, ४९ अंश मन्द परिध्यंश होते हैं तथा विषम पदान्त में क्रम से ७२, २८, ३२, ११ एवं ४८ मन्द परिध्यंश होते है।
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