विषम पद में गत चाप की जीवा भुजज्या तथा गम्य चाप की जीवा कोटि संज़्क होती है। सम पद में (विपरीत ) गम्य चाप की जीवा भुजज्या तथा गत चाप की ज्या कोटिज्या होती है।
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