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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 26
गुणाश्विरूपनेत्राणि पावकाग्निगुणाश्विन: । वस्वर्णवार्थयमलास्तुरड्रतुनगाश्वि : ॥
(१८) गुणाश्विरूपनेत्राणि = २१२३ (१९) पावकाग्निगुणाश्विन: = २३३३ (२०) वस्वर्णवार्थयमलछा = २५०७८ (२१) तुरड्डर्तुनगाश्विम: = २७६७
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