एक वृत्तपाद में साधित २४ ज्या पिण्डों के मान क्रम से इस प्रकार हैं:-
(१) तत्वाश्विन: = २२५
(२) आड्डब्धिकृत: = ४४९
(३) रूपभूमिधरत्तव: = ६७१
(४) खाड्डाष्टौ = 55८९०
(५) पज्चशून्येशा: = ११०५
(६) बाणरूपगुणेन्दव: - १३१५
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