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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 12
ग्रहाणामष्टधा गति: वक्राउइतिवक्रा कुटिला मन्दा मन्दतरा समा । तथा शीघ्रतरा शीघ्रा ग्रह्मणामष्टधा गति: ॥ १२
वक्र (अनुलोम), अनुवक्र, कुटिल, मन्द, मन्दतर, सम, शीघ्रतर तथा शीजदघ्र, ये आठ प्रकार की ग्रहों की गतियाँ होती हैं।
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