मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 2 • श्लोक 1
शीघ्रोच्चादीनां प्रभाव: अदृश्यरूपा: कालस्य मूर्त्तयो भगणाश्रिता: । शीघ्रमन्दोच्चपाताख्या ग्रहाणां गतिहेतव: ॥
भगण (क्रान्तिवृत्त) पर अश्रित शीघ्रोच्च, मन्दोच्च एवं पात संज़्क काल की अदृश्य मूर्तियाँ ग्रहों की गति का कारण होती हैं। अर्थात्‌ इन्हीं अदृश्य मूर्तियों के कारण ग्रहपिण्डों में गति उत्पन्न होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें