राशि चक्र में समसूत्रगत दो विषुव संक्रन्तियाँ तथा एक ही व्यास रेखागत २ आयन संक्रान्तियाँ कुल चार संक्रान्तियाँ प्रसिद्ध हैं। इन संक्रान्तियों के मध्य में २-२ संक्रान्तियाँ होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।