(षेडशीतिमुख संक्रान्तियों के अनन्तर) कन्या राशि के जो शेष १६ दिन रह जाते है। वे यज्ञों के तुल्य होते हैं तथा उनमें पितरों के लिए दिया हुआ दान अक्षय होता है।
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