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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 14 • श्लोक 5
षड्विंशे धनुषो भागे, द्वाविंशेषनिमिषस्य च। मिथुनाष्टादशे भागे कन्यायास्तु चतुर्दशे ॥|
तुलादि से ८६ दिनों पर अर्थात्‌ धनु के २६ वें भाग पर तदनन्तर मीन के २२ अंश पर, तत्पश्चात्‌ मिथुन के १८ अंश पर तथा कन्या के १४ वे अंश पर षडशीति मुख संक्रान्ति का काल होता है।
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