दिव्यं चार्क्ष ग्रहाणां च दर्शित ज्ञानमुक्तमम् ।
विज्ञायार्कादिलोकेषु स्थान प्राणोति शाश्वतम् ॥
ईसमें दिव्य और नाक्षत्रमानों का विवेचन तथा ग्रहों के उत्तम ज्ञान को प्रदर्शित किया गया है। इसका ज्ञान प्राप्त कर मनुष्य सूर्यआदि लोकों में सदैव स्थान प्राप्त करता है।
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