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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 13 • श्लोक 4
आधारकक्षाद्वितयं कक्षा वैष॒वती तथा ॥ भगणांशाडगुलै: कार्यादलितास्तिस्न एव ता ।
दोनों मेरुओं में जाने वाली याम्योत्तर रेखा तथा याम्योत्तर वृत्त के मध्यगत ९० अंश पर स्थित उन्मण्डल वृत्त की रचना करनी चाहिये। दोनों आधार वृत्तों के मध्यगत, विषुवद् वृत्त की रचना करें। तीनों वृत्तों पर एक एक अंश के ३६० चिन्ह अंकित करें।
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