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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 13 • श्लोक 17
तुड्डबीजसमायुक्त गोलयन्त्र प्रसाधयेत्‌ । गोप्यमेतत्‌ प्रकाशोक्त सर्वगम्यं भवेदिह ॥
(अथवा) गोल में पारा का संयोग इस प्रकार करें जिससे गोल भ्रमण करता हुआ नाक्षत्र काल सूचित करे। इस विधि को गुप्त रखना चाहिये अन्यथा इसे प्रकाशित करने पर यह सिद्धान्त सर्वगम्य (सहज होने से विकृत) हो जायेगा।
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