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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 89
पजञ्चबाणाक्षिनागर्तुरसाद्रयर्का: शनेस्तत: । भानां खखखशून्याड्डवसुरन्भ्रशराश्विन:॥
शनि कक्षा योजन = १२७६६८२५५ नक्षत्रकक्षा योजन = २५९८९००००
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