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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 88
कृतर्तुमुनिषज्चाद्रिगुणेडुविषया गुरोः । स्वर्भानोवेंदतर्काष्टद्विशैलार्थखकुज्जरा: ॥
गुरु का कक्षा योजन = ५१३७५७६४ राहु (सम्पात) कक्षा योजन = ८०५७२८६४
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