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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 87
कुजस्याप्यड्ड्शून्याड्डबड्वेदेकभुजज्ञमा: । चन्द्रोच्चस्य कृताष्टाब्धिवसुद्रित्यष्टवहनय: ।।
भौम की कक्षा का योजन = ८१४६९०९ चन्द्रोच्च का कक्षा योजन = ३८३२८४८४
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