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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 84
ग्रहकक्षाव्यासार्धानयनम्‌ कक्षा भूकर्णगुणिता महीमण्डलभाजिता । तत्‌कर्णो भूमिकर्णोना ग्रहौच्च्यं सव॑ दलीकृत: ।।
ग्रह कक्षा को भू-व्यास से गुणाकर भू-परिधि से भाग देने पर लब्धि ग्रह कक्षा का व्यास होता है। कक्षा-व्यास में भू-व्यास को घटाकर आधा करने से भू-पृष्ठ से ग्रह की उँचाई होती है। ( भूपृष्ठ से ग्रह की योजनात्मक दूरी होती है )
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