मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 83
योजनातमक गते: कलाकरणम्‌ भुक्तियोजजजा सड्ख्या सेन्दोर्भ्मणसड्गुणा । स्वकक्षाप्ता तु सा तस्य तिथ्याप्ता गतिलिफप्तिका: ॥
ग्रहों की योजनात्मिका गति को चन्द्र कक्षा योजन से गुणाकर स्व स्व कक्षा योजनों से भाग देकर लब्धि को पुनः १५ से भाग देने पर तत्तद्‌ ग्रहों की गति का कलात्मक मान होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें