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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 81
खकक्षामानम्‌ कल्पोक्तचन्द्रभाणा: गुणिता: शशिकक्षया । आकाशकक्षा सा ज्ञेया करव्याप्तिस्तथा रबे: ॥
कल्पचन्द्र भगण (एक कल्प में होने वाले चन्द्र भगण) की संख्या को चन्द्र की कक्षा: (कक्षायोजन) से गुणा करने पर जो गुणनफल होता है उसे खकक्षा जानना चाहिये तथा उसी सीमा तक सूर्य की किरणें व्याप्त रहती हैं।
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