अल्प कक्षाश्रित चन्द्रमा समान काल में अधिक भगण (३६० का चक्र) पूर्ण करता हैं जबकि बृहत् कक्षाश्रित होने से शनि स्वल्प भगण ही पूर्ण कर पाता है।
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