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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 75
ग्रहगतौ न्‍्यूनाधिकत्वे कारणम्‌ उपरिष्ठस्य महती कक्षाउल्पाड्थ: स्थितस्य च । महत्या कक्षया भागा महान्तोडल्पास्तथाउल्पया ॥
जिन ग्रहों की कक्षा ऊपर (पृथ्वी से दूर) है उनका परिमाण बृहत्‌ है तथा जो ग्रहकक्षा नीचे (पृथ्वी के सन्निकट) है उनका परिमाण अल्प है। बृहत्‌ कक्षाओं के अंश प्रमाण बड़े तथा छोटी कक्षाओं के अंश प्रमाण छोटे होते है।
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