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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 64
तथैवासुरभागे तु मिथुने कर्कटे स्थित: । नष्टच्छाया महीवृत्तपादे दर्शनमादिशेत्‌ ।।
मकर राशि स्थित सूर्य दृश्य नहीं होते। परिणामत: २ मास रात्रि रहती है। इसी प्रकार मिथुन और कर्क राशिगत सूर्य असुर भाग (दक्षिण गोल) में दृश्य नहीं होते। जहाँ पर मध्याहन कालिक छाया (शून्य) हो उस स्थान से भूपरिधि के चतुर्थाशं (भूपरिध/४) पर्यन्त सूर्य का दर्शन होता है। ऐसा समझना चाहिये।
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