पृथ्वी की अपेक्षा मनुष्य अत्यल्पकाय (लघुशरीरवाला) है। अत: अपने स्थान से चारों ओर गोलाकार होते हुये भी पृथ्वी को चक्राकार (चिपिटा) देखता है।
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