सायन मेषादि बिन्दु देवों (उत्तर गोल) के लिए सूर्योदय काल होता है तथा सायन तुलादि बिन्दु (दक्षिण गोल) असुरों का सूर्योदय काल होता है। मेषादि में सूर्य उदित होकर उत्तरोत्तर तीन राशियों में (मेष से मिथुन तक) भ्रमण करता हुआ मेरु वासी देवों के दिन का पूर्वार्ध पूर्ण करता है तथा कर्क आदि तीन (कर्क, सिंह, कन्या) राशियों में भ्रमण करता हुआ दिन के उत्तरार्ध को पूर्ण करता है।
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