मेषादि छ: राशियों में स्थित रहने पर सूर्य का दर्शन देव भाग में तथा तुलादि छ: राशियों में स्थित रहने पर सूर्य का दर्शन असुरों के भाग में होता है। मेषादि से कन्यान्त पर्यन्त छ: राशियों में भ्रमण करता हुआ सूर्य विषवुत (नाडी) वृत्त से उत्तर में ही रहता है अत: लगभग ६ मास पर्यन्त सूर्य का दर्शन उत्तर गोल में होता है। इसी प्रकार तुलादि से मीनान्त पर्यन्त ६ रशियों में सूर्य नाडी वृत्त से दक्षिण में रहता है अत: ६ मास पर्यन्त सूर्य का दर्शन दक्षिण गोल में ही होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।