मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 43
ध्रुवस्य स्थिति: मेरोरुभयतो मध्ये श्रुवतारे नभ: स्थिते । निरक्षदेशसंस्थानामुभये क्षितिजाश्रये ॥
मेरु पर्वत के दोनों भागों, अर्थात्‌ सुमेरु (उत्तर ध्रुव प्रदेश) तथा कुमेरु (दक्षिण ध्रुव प्रदेश) में ध्रुव तारा की स्थिति मध्य आकाश (खमध्य) में होती है। उत्तर में उत्तर ध्रुव खमध्यगत दक्षिण में दक्षिण ध्रुव खमध्यगत होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें