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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 37
विषुवत्‌ प्रदेशेस्थिता चतस्रो नगर्य: समन्तान्मेस्मध्यात्‌ तु तुल्यभागेषु तोयथे:। द्वीपेषु दिक्षुपूर्वादिनगर्यो देवनिर्मिता: ॥
सुमेरु पर्वतों के मध्य भाग में (सुमेरु और कुमेरु के मध्यवर्ती समुद्र भाग में) तुल्य दूरी पर पूर्वादि दिशाओं में चार द्वीपों पर देवों द्वारा निर्मित किए गए चार नगर हैं।
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