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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 36
पृथिव्यां समुद्रस्थिति: तत: समन्‍्तात्‌ परिधिक्रमेणायं महार्णव: । मेखलेव स्थितो धात्र्या देवासुरविभागकृत्‌ ॥
सुमेरु पर्वत के दोनों-भागों के मध्य में परिधि की तरह यह महा समुद्र (क्षार समुद्र) पृथ्वी की मेखला की तरह स्थित है। यह समुद्र देवों एवं असुरों की सीमा का विभाग भी करता है।
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