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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 35
देव-दानवयो: स्थिति: उपरिष्टात्‌ स्थितास्तस्य सेन्द्रा देवा महर्षय: । अधथस्तादसुरास्तद्वद्‌ द्विषन्तोजन्योन्यमाश्रिता: ।।
मेरु पर्वत के ऊपरी भाग (उत्तर दिशा) में इन्द्रादि देवता और महर्षिगण रहते हैं। इसी प्रकार अधोभाग (दक्षिण भाग) में असुर लोग रहते हैं जो (देव-असुर) परस्पर द्वेष भाव रखते है।
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