मेरु पर्वत के ऊपरी भाग (उत्तर दिशा) में इन्द्रादि देवता और महर्षिगण रहते हैं। इसी प्रकार अधोभाग (दक्षिण भाग) में असुर लोग रहते हैं जो (देव-असुर) परस्पर द्वेष भाव रखते है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।