ब्रह्माण्ड (अण्ड कटाह) की भीतरी परिधि कक्षा या आकाश कक्षा कही गई हैं। उसके मध्य में अधोध: (एक दूसरे से नीचे) क्रम से नक्षत्रादि भ्रमण करते हैं।
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