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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 28
ग्रहनक्षत्रताराणां भूमेविश्वस्य वा विभु: । देवासुरमनुष्याणां सिद्धानां च यथाक्रमम्‌ ॥
ग्रहनक्षत्र तारा भूमि विश्व (भूर्भुवादि) देव-असुर मनुष्य एवं सिद्ध आदि का ब्रह्मा ने विभाजन किया।
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