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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 27
रचितपदार्थानामवस्थानम्‌ गुणकर्म विभागेन सृष्ट्वा प्राग्‌वदनुक्रमात्‌ । विभागं कल्पयामास यथास्वं वेददर्शनात्‌ ॥
तत्पश्चात्‌ गुण-कर्म विभागानुसार पूर्वकल्पोक्त विधि से (चराचर) सृष्टि की रचनाकर वेदों में बताये गये मार्गनुसार
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