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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 2
भूसम्बन्धिन: प्रश्ना: भगवन्‌! किम्प्रमाणा भू: किमाकारा किमाश्रया । कि विभागा कथ॑ चात्र सप्तपातालभूमय: ॥
हे भगवन्‌! इस पृथ्वी का परिमाण क्‍या है? इसका स्वरूप केसा है? पृथ्वी का आश्रय (आधार) क्‍या है? इसके कितने विभाग हैं तथा कौन कौन सी सात पाताल भूमि हैं?
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