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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 17
प्रकाशात्मा तमोहन्ता महानित्येष विश्रुतः: । ऋचोड5स्य मण्डल सामान्युस्त्रा मूर्त्ति्यजूषि च ॥
यहीं भगवान्‌ प्रकाश की आत्मा हैं, यहीं अन्धकार का नाश करने वाले हैं, ये हीं महत्‌ तत्व के रूप में विख्यात हैं। ऋचायें (ऋग्वेद) इनका मण्डल है। सामवेद इनकी रश्मियाँ हैं तथा यजुर्वेद इनकी मूर्ति है।
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