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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 12 • श्लोक 15
हिरण्यगर्भोी भगवानेष छन्दसि पठयते । आदित्यो द्यादिभूतत्वात्‌ प्रसूत्या सूर्य उच्यते ॥
यही भगवान्‌ हिरण्य गर्भ हैं जिनका वेदों में उल्लेख है। सर्वप्रथम (आदिभूत) उत्पन्न होने से इन्हें आदित्य तथा अण्ड से प्रसूत होने के कारण सूर्य कहा गया।
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