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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 11 • श्लोक 7
पातस्य गतैष्यत्वसाधनम्‌ अथौजपदगस्येन्दो: क्रान्तिर्विक्षेपसंस्कृता । यदि स्यादधिका भानो: क्रान्ते:पातो गतस््तदा ||
विषमपद में स्थित चन्द्र की शरसंस्कृत क्रान्ति अर्थात्‌ स्पष्टक्रान्ति यदि सूर्य की क्रान्ति से अधिक हो तो गत पात तथा ऊन हो तो गम्य पात होता है।
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