आश्लेषा, ज्येष्ठा तथा रेवती नक्षत्र के चतुर्थ चरण को भसन्धि कहते हैं। इनसे अग्रिम नक्षत्रों मघा, मूल और अश्विनी नक्षत्रों के प्रथम चरण को गण्डान्त कहते हैं।
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