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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 11 • श्लोक 14
पातस्याद्यन्तकालयो: साधनम्‌ रवीन्दुमानयोगार्ध षष्ट्या संगुण्य भाजयेत्‌ । तयोर्भुक्त्यन्तरेणा55प्तं स्थित्यर्ध नाडिकादि तत्‌॥
सूर्य और चन्द्र की (चन्द्रग्रहणाधिकारोक्त प्रकार से) बिम्बमान कला का साधन कर दोनों के योग के आधे (मान योग दल) को ६० से गुणाकर गुणनफल में सूर्य और चन्द्र की गत्यन्तर का भाग देने से लब्धि स्थित्यर्ध घटिका होती हैं।
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