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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 11 • श्लोक 13
स्थिरीकृतार्धरात्रेन्द्रोईयोरविवरलिप्तिका : । घष्टिघ्यश्चन््रभुक्त्याप्ता: पातकालस्य नाडिका: ।।
स्थिरीकृतचन्द्र अर्थात्‌ स्पष्टक्रान्तिसाम्यकालिक चन्द्र और अर्धरात्रकालिकचन्द्र की अन्तरकला को ६० से गुणा कर गुणनफल में अर्धरात्रकालिक चन्द्रगति का भाग देने से प्राप्त लब्धितुल्य घटिका अर्धरात्रिकाल से पातकाल की गत गम्य घटिका होती हैं।
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