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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 11 • श्लोक 1
वैधृति-व्यतिपातयोर्लक्षणम्‌ एकायनगतौ सयातां सूर्याचन्द्रसाँ यदा। तद्युतौ मण्डले क्रान्त्योस्तुल्यत्वे वेधृताभिध: ।।
यदि सूर्य और चन्द्र एक ही अयन में गये हो, दोनों का योग १२ राशि हो, तथा इनकी स्पष्ट क्रान्ति समान हो तो वैधृतसंज्ञक पात होता है।
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