सूर्य रहित चन्द्र की कला में ९०० का भाग देने से लब्धि चन्द्रमा का अड्गुलात्मक शुक्ल मान होता है। इसे अड्गुलात्मक चन्द्रबिम्ब से गुणा कर १२ से भाग देने पर प्राप्त लब्धि स्पष्ट शुक्लमान होता है।
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